मुंबई। पांच साल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे देवेंद्र फडणवीस का दूसरा कार्यकाल चार दिन भी नहीं चला। फडणवीस ने अजित पवार के भरोसे पर आनन-फानन केंद्र से राष्ट्रपति शासन हटवाकर शनिवार सुबह मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। अजित को उप-मुख्यमंत्री बनाया था। गुपचुप सरकार बनाने के बाद महज तीन दिन में अजित पवार को एहसास हो गया कि सत्ता की चाभी चाचा शरद पवार के पास ही है। मंगलवार सुबह सुप्रीम कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट पर फैसला सुनाया आर दापहर आत-आत आजत पवार ने गुपचुप इस्तीफा दे दिया। घंटेभर बाद ही फडणवीस ने भी इस्तीफे का 1दिसंबर को शिवाजी पार्क में शपथ लेंगे मुंबई। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को शिवसेना-राकांपाकाग्रस कांग्रेस गठबंधन का नेता चुना गया। होटल ट्राइडेंट में तीनों दलों के विधायकों की बैठक में उद्धव को नेता चुना गया। उद्धव 1 दिसंबर को शिवाजी पार्क में शाम 5 बजे शपथ ग्रहण करेंगे। वे होटल ट्राइडेंट में तीनों दलों के विधायकों की बैठक के दौरान पत्नी रश्मि और बेटों आदित्य और तेजस के साथ पहुंचे थे। राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहामहाविकास आघाड़ी गठबंधन के तीन सदस्य आज राज्यपाल से मिलेंगे। मुंबई के शिवाजी पार्क में 1 दिसंबर को शपथ ग्रहण होगागठबंधन का नेता चुने जाने के बाद उद्धव ने कहा- मैं उन सभी सवालों के जवाब देने को तैयार हूं, जो देवेंद्र फडणवीस ने उठाए। मैं किसी बात से नहीं डरता। झूठ हिंदुत्व का हिस्सा नहीं हैं। जब आपको जरूरत थी तो आपने गले लगा लिया और जब जरूरत नहीं पड़ी तो आपने हमें छोड़ दिया। आपने (भाजपा) ही दूरी बनाने की कोशिश की। मुझे अब जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, मैं उसे निभाने को तैयार हूं। मैं अकेला नहीं, मेरे साथ आप सभी मुख्यमंत्री हैं। जो आज हुआ है, वह वास्तविक लोकतंत्र है। हम साथ मिलकर राज्य के किसानों के आंसू पोछेगे । हम मिलकर एक बार फिर वही महाराष्ट्र बनाएंगे, जिसका सपना छत्रपति शिवाजी महाराज ने देखा था। मैंने कभी भी प्रदेश का नेतृत्व करने का सपना नहीं देखा था। मैं सोनिया गांधी और अन्य को धन्यवाद देना चाहता हूं। हम एक-दूसरे पर विश्वास रखते हुए देश को एक नई दिशा दे रहे हैं। अजित के आने की अटकलें थी, लेकिन नहीं पहुंचे कहा जा रहा था कि अजित पवार भी यहां आ सकते हैं। लेकिन, राकांपा विधायक दल के नेता जयंत पाटिल ने कहा कि अजित बैठक में नहीं आएंगे। आखिरकार अजित बैठक में नहीं पहुंचे। रिपोर्ट्स के मुताबिक गठबंधन का नेता चुने जाने के तुरंत बाद तीनों दल राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा पेश करने जाएंगे। प्रोटेम स्पीकर भाजपा के कालिदास कोलंबकर चुने गए हैं, उन्होंने बुधवार को विधानसभा का पहला सत्र बुलाया है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही अजित ने भाजपा का साथ छोड़ा, फडणवीस ने सत्ता छोड़ी